Wednesday, July 13, 2022

Cartoon Watch Life Time Achievement Award List (2003-2022)

 Cartoon Watch Life Time Achievement Awards


RAIPUR

(Hotel Babylon & Hotel Celebration)

2003 - Mr. R.K.Laxman by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh,  Mr. Ajit Jogi
2004 - Mr. Sudhir Tailang, by the hands of the then Governor of Chhattisgarh, Mr. K.M.Seth
2005 - Mr. Abid Surti, by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh
2006 - Mr. Pran (Chacha Choudhary), by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh
2007 - Mr. Rajendra Dhodapkar, by the hands of the then Speaker of Chhattisgarh Assembly Mr. Prem Prakash Pandey
2008 - Mr. H.M.Sudan (Madhumuskan) by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh
2009 - Mr. Suresh Sawant, by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh
2010 - Mr. Shyam Jagota, by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh

DELHI

(Hindi Bhawan)

2011 - Mr. Ajit Ninan, Mr. B.V.Panduranga Rao, Mr. Hussain Zamin, Mr. Kaak and Mr. Jagjeet Rana 
              by the hands of Ex President of India, Dr. A.P. J. ABDUL KALAM.

MUMBAI

(Matoshree, Mumbai)

2012 - Mr. BALA SAHEB THACKERAY by the hands of Triambak Sharma, Editor Cartoon Watch.

RAIPUR

(Circuit House)

2013 - Mr. Surendra (The Hindu) by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh

PUNE
(Hotel Ashish Plaza)
2014 - Mr. S.D. Phadnis (Pune) by the hands of Mr. S.B. Majumdar, Founder of Symbiosis. 

CHENNAI
2015 - Mr Shankar (Chanda Mama), Mr. Madhan and Mr. Keshav (The Hindu) 
              by the hands of Mr. N. Ram, Chairman The Hindu Group.

RAIPUR 

(Hotel Babylon International)

2016 - Mr. Subhani (Deccan Chronicle) by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh
2017 - Mr. Vishnu Akulwar (Navbharat) by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh
2018 - Mr. Manoj Kureel by the hands of the then Chief Minister of Chhattisgarh, Dr. Raman Singh

HYDERABAD 

(The Park Hotel)

2019 - Mr. T. Mohan (Late), Dr. Jayadev Babu and M.S. Ramakrishna by the then CMD of NMDC Mr. N. Baijendra Kumar.
2020 - Mr. Narsim, Mr Shankar Pamarthy and Mr. Mrityunjay by the then CMD of NMDC Mr. N. Bajijendra Kumar.

RAIPUR 

(Silver Jubilee Function at Darbar Hall of Rajbhawan, Chhattisgarh)

2021 - Mr. Sagar, Mr. Bhagwat Sahu and Mr. Sangharsh Yadu by the hands of Governor of Chhattisgarh Miss Anusuiya Uikey. 

Bengaluru 

(IIC, Cartoon Gallery, Bengaluru on 1st Jan 2022)

2022 - Mr. V.G.Narendra, Mr. B.G.Gujrappa, Mr. G.S. Nagnath and Mr. K.R.Swamy

Many more to go...

Friday, June 12, 2020

Elon Musk Nominated as Man of the Year 2020 by Cartoon Watch Magazine of India

Elon Musk Nominated as Man of the Year 2020 by Cartoon Watch Magazine of India


The only monthly cartoon magazine of India, Cartoon Watch has nominated Elon Musk as Man of the Year 2020 as he has done great work during lockdown period. Triambak Sharma, Editor of the magazine said that, Elon was not at all afraid with Corona Virus and opened his industry even in lockdown period. Mr. Sharma said, Musk has also attracted whole world by innovative name of his newly born son. The name of Elon and Grimes, newly born son is - X Æ A-12. Last and not the least, Elon Musk’s SpaceX and NASA blasted two astronauts into orbit, marking the first human launch from U.S. soil in nearly a decade and a new partnership between industry and government aimed at revitalizing the country’s space ambitions. Elon Musk is working on to start space tourism and any common man can travel upto Mars by his Taxi. It is worth mentioning that Cartoon Watch is the only monthly cartoon magazine of India, published since 24 years. Mr. Sharma also said that year 2020 will be known as MUSK and MASK year.

Sunday, December 29, 2019

Triambak Sharma, Indian Cartoonist and Editor of Cartoon Watch Magazine with Cartoonists of Different Countries, during his France visit in 2019.










कोरबा (Korba) देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर

छत्तीसगढ़ CW NEWS - कोरबा (Korba) स्थित बालको (Balco) के पॉवर प्लांट (Power Plant) से निकलने वाली राख (Fly Ash) लोगों के फेफड़ों को छलनी कर रही है -इसी Fly Ash राख के चलते कोरबा (Korba) देश का पांचवां सबसे प्रदूषित शहर है। रिपोर्ट बताती है कि कोरबा में बालको के पॉवर प्लांट से प्रतिदिन 13100 टन से ज्यादा प्रदूषित फ्लाई ऐश निकलती है। नियमानुसार सभी पावर प्लांट्स को राख के लिये एक बड़ा सा गड्ढा (ऐश पॉन्ड) बना कर उसमें राख छोडऩी होती है ताकि इसका प्रयोग ईंट व सीमेंट बनाने में किया जा सके। लेकिन कोरबा में अब भी कई प्लांट ऐसे हैं, जिनके ऐश पॉन्ड पूरी तरह भर चुके हैं या जो राख को खुले मैदानों में ही छोड़ रहे हैं।

Saturday, October 12, 2019

Speech of Triambak Sharma at Global Cartoon Forum Meeting at City Hall of Paris on 2nd Oct 2019

Dear Friends,
These is a coincidence that Cartoon Global Forum International Day is having this meeting on 2nd of October which is 150th birth anniversary of Mahatma Gandhi. This day is celebrated as International Non Violence Day. Today we are in Paris where 12 peoples were killed in Terrorist attack four years back. In this attack 8 cartoonists were killed. This is the need of hour that cartoonist too think to draw non violent cartoons, they should avoid hate speech. I request Cartoon Global Forum that there should be discrimination between Nude Cartoons and Editorial Cartoons. Nude Cartoons can be kept under Porn category, not in Editorial cartoon category. Best cartoonist is the one who can portray the nudity of a well dressed person, without removing his clothes. I also request cartoonist to not to draw bad cartoons intentionally to become famous as cartoons are known to bring smile on face with humour in mind.
Triambak Sharma
Editor
Cartoon Watch 
India


फ़्रान्स से कार्टून वॉच ने की अंतरराष्ट्रीय सम्मान की शुरुआत..

पेरिस. कार्टून वॉच पत्रिका अब तक राष्ट्रीय स्तर पर ही जीवन गौरव सम्मान प्रदान करती थी. विगत 15 वर्षों से यह सम्मान कार्टून के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कार्टूनिस्टों को दिया जाता है.29 सितम्बर 2019 को फ़्रान्स के शहर लिमोज़ में विगत 38 साल से किए जा रहे आयोजन में अंतरराष्ट्रीय सम्मान की शुरुआत की गई. कार्टून वॉच के सम्पादक त्र्यम्बक शर्मा ने बताया कि विश्व भर के कार्टूनिस्ट इस आयोजन में भाग लेते हैं और लगातार 8 दिन चलने वाले इस वृहद आयोजन को बहुत आत्मीयता से किया जाता है.
सेंट जस्ट लि मार्टेल नाम की जगह पर यह कार्यक्रम किया जाता है. यह ऐसी जगह है जहाँ गाँव जैसी हरियाली और शांति है साथ ही शहर जैसी आधुनिकता भी. यहाँ के लोग बाहर से आने वाले कार्टूनिस्ट को अपने घर में आतिथ्य भाव से रुकवाते हैं. इसके लिए वे आपस में चर्चा कर लेते हैं या फिर लाटरी की तरह नाम निर्धारित करते हैं. आयोजन स्थल पर लंच डिनर चाय काफ़ी और वाइन की व्यवस्था की जाती है. यहाँ के स्कूली बच्चे खाने की व्यवस्था सम्हालते हैं. आज जब भारत में बैठक के खिलाना समाप्त होता जा रहा है वहीं ये बच्चे टेबल कुर्सी में बैठे अतिथियों को दौड़ दौड़ कर भोजन परोस रहे होते हैं. वे ही प्लेट उठाते हैं और जगह साफ़ भी करते हैं. यहाँ वेटर नहीं होते. इस कार्यक्रम की शुरुआत यहाँ के मेअर रह चुके कार्टून प्रेमी स्वर्गीय जेराअल्ड ने की थी.
कार्टून वॉच ने इस बार परदे के पीछे रहकर काम कर रहे ऐसे लोगों से सम्मान की शुरुआत की जो कार्टूनिस्ट ना होकर भी शिद्दत के साथ यह आयोजन कर रहे हैं.
इस मौक़े पर नवरात्रि के पहले दिन सबसे पहले दो महिलाओं को और फिर तीन पुरुष को कार्टून वॉच का लाइफ़ टाइम अवार्ड प्रदान किया गया. कार्यक्रम को त्र्यम्बक शर्मा अंग्रेज़ी में संचालित कर रहे थे और उसका फ़्रेंच भाषा में अनुवाद निकोलस ने किया. यहाँ प्रदान किए गए सम्मान पत्र में भी अंग्रेज़ी और फ़्रेंच भाषा का प्रयोग किया गया. श्री शर्मा ने इस अवसर पर घोषणा  की कि भविष्य में विभिन्न देशों के कार्टूनिस्ट को कार्टून वॉच का यह सम्मान प्रदान किया जाएगा, जिसके चयन के लिए कार्टूनिंग ग्लोबल फ़ोरम के सदस्य अपने सुझाव देंगे. इस अवसर पर कोरिने विलजर, क्रिस्टीन गीओट,गाई हेंनेकुइन, फ़िलिप हैनेरी और सबआस्टिन पीडेकेरफ को सम्मानित किया गया. सभी ने अपने सम्बोधन में भारत से आए छत्तीसगढ़ की कार्टून पत्रिका के प्रति आभार व्यक्त किया और आगामी वर्ष से इसे करने की सहमति प्रदान की. इस मौक़े पर मुंबई से अरुण इनामदार, इंग्लैंड से स्टीव बेल, जर्मनी से , ईरान से, फ़्रान्स के अलगअलग हिस्सों से, अमेरिका से और अन्य कई देशों के कार्टूनिस्ट उपस्थित थे.


पेरिस के सिटी हॉल में गूंजा छत्तीसगढ़..

पेरिस के सिटी हॉल में गूंजा छत्तीसगढ़..


त्र्यम्बक शर्मा ने कहा कि कार्टूनिस्टों को नफ़रत फैलाने और अतिरेक होने से बचना चाहिए...
पेरिस. कार्टून ग्लोबल फ़ोरम इंटर्नैशनल डे के अवसर पर आयोजित गोल मेज़ सम्मेलन में विश्व के 32 देशों के कार्टूनिस्ट शामिल हुए. पेरिस के सिटी हॉल में 2  अक्तूबर 2019 को आयोजित इस गोल मेज़ सम्मेलन में भारत की एकमात्र कार्टून पत्रिका कार्टून वॉच की ओर से त्र्यम्बक शर्मा शामिल हुए. 
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए त्र्यम्बक शर्मा ने सबसे पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद किया और बताया कि यह सुखद संयोग है कि यह सम्मेलन गांधीजी की 150 वीं जयंती पर आयोजित हो रहा है. उन्होंने कहा कि यूनाइटेड नेशन आज के दिन को विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाता है और हम आज उस शहर में हैं जहाँ पर 12 लोगों पर गोलियाँ बरसाई गई जिसमें 8 कार्टूनिस्ट मारे गए. श्री शर्मा ने कहा कि कार्टूनिस्ट को जानबूझकर विवादास्पद कार्टून बनाकर मशहूर होने से बचना चाहिए. पेरिस से निकलने वाले कार्टून साप्ताहिक अख़बार चार्ली हेबदो के अतिरेक कार्टूनों और उसकी प्रतिक्रिया को ज़हन में रखते हुए श्री शर्मा ने कहा की भारत में कहा जाता है कि अति सर्वत्र व्रजऐत, इसलिए करतूनिस्टों को अतिरेक होने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि आजकल विश्व के अनेक कार्टूनिस्ट नग्नता को कार्टून में शामिल कर रहे हैं, जबकि असली कार्टूनिस्ट वह है जो बिना आपके कपड़े उतारेआपकी नग्नता को रेखांकित कर दे. 
इस मौक़े पर अमेरिका के कार्टूनिस्ट डेरिल केगल ने कहा कि कार्टूनिस्ट वह बेच रहे हैं जिसका कोई ख़रीददार नहीं है, अख़बारों में कार्टूनिस्टों के लिए काम नहीं है. उन्होंने कहा कि फ़ोरम को सम्पादकों का भी एक सम्मेलन कराना चाहिए जिस से वे कार्टूनिस्ट को अपने अख़बार में जगह देना शुरू करें.
इस सम्मेलन में सभी देशों के कार्टूनिस्ट ने अपने अपने विचार रखे और अभिव्यक्ति कि स्वतंत्रता के संदर्भ में अपनी बात रखी.अधिकतर कार्टूनिस्ट हेट स्पीच वाले कार्टून के ख़िलाफ़ दिखे और कुछ पूर्ण स्वतंत्रता के पक्षधर भी. कुछ ने कहा कि अभिव्यक्ति कि स्वतंत्रता का आशय पूर्ण स्वतंत्रता है.इस अवसर पर इटली,मलेसिया,रूस,यूएसए,
इंगलैण्ड, अफगानिस्तान सहित 32 देशों के कार्टूनिस्ट उपस्थित थे..

Monday, June 11, 2018

Say No To Tobacco by Cartoon Watch Magazine of India to aware people.



https://youtu.be/h9Nd7z8l14M

Result of National Level Cartoon Competition organised by Cartoon Watch Magazine with CECB on World Environment Day 5th June 2018


क्या कभी कोई पाॅवर से बोर होता है ? क्या कभी कोई कहता है कि अब बहुत हो गया अब किसी और को टिकट दे दो ?

क्या कभी कोई पाॅवर से बोर होता है ? क्या कभी कोई कहता है कि अब बहुत हो गया अब किसी और को टिकट दे दो ?

-त्रयम्बक शर्मा

छ.ग. की वर्तमान सरकार को 15 बरस हो जायेंगे और इसी साल चुनाव भी होंगे. अनेक सर्वेक्षण में यह बात आ रही है कि सरकार के मंत्रियों से जनता नाराज है पर सरकार से नहीं. अनेक विधायकों से जनता नाराज है पर सरकार से नहीं. कई विधायक और मंत्री ऐसे हैं जिन्हें 15 साल हो जायेंगे. वहीं कुछ विधायक और सांसद ऐसे भी हैं जिन्हें लगातार 5 से 6 बार जनता चुनते आ रही है. वे तब तक लड़ते रहेंगे जब तक हार नहीं जायेंगे. हार ही उन्हें हटा सकती है. हारकर भी जीतने वाले राजनीति में मिल जायेंगे जैसे अरूण जेटली और स्मृति ईरानी. जनता ने उन्हें हरा दिया पर वे मंत्री बनकर उसी जनता को चिढ़ाते दिख रहे हैं जिन्होंने उन्हें हराया. यह लोकतंत्र का मजाक नहीं तो और क्या है. लगातार 10 साल तक प्रधानमंत्री रहने वाले मनमोहन सिंह ने तो चुनाव लड़ने की जहमत नहीं उठाई. फिर भी हम अपने आपको विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र मानते हैं. आप कोई भी नियम बनाइये हम इतने कुशल हैं कि उससे न सिर्फ बचने के रास्ते खोज लेंगे अपितु उस नियम का फायदा कैसे उठाया जाये यह भी सीख लेंगे. इसलिये यदि हमने राजनीति में उम्र का बंधन रखा तो भी मुश्किल होगी और नहीं रखा है तो भी. ये लोग कभी कभी अंतर्रात्मा की आवाज की बात करते हैं तो सुनकर बड़ा अच्छा लगता है लेकिन क्या ये सचमुच कभी उसकी आवाज सुन भी पाते हैं ? राजनीति का चक्र ही ऐसा है कि चमड़ी मोटी रखनी पड़ती है और अंतर्रात्मा की आवाज उस चमड़ी को पार नहीं कर पाती. राजनीति आसान राह नहीं है और सबके बस की बात भी नहीं है. एक राजनैतिक गुरू के अनुसार वे राजनीति में नये आने वाले लड़को को कहते हैं कि इस लाईन में तभी आओ जब रोज कम से कम दो बार अपमान सह सको और दस पंद्रह लोगों की मुफ्त सलाह मुस्कुराते हुये सुन सको. अर्थात आपकी चमड़ी इतनी मोटी हो कि अपमान अंदर ना जा सके और अंतर्रात्मा की आवाज बाहर ना आ सके. यह राजनीतिक बुद्धत्व है.
भगवान बुद्ध राजा थे और उन्होंने ऐश्वर्य को करीब से देखा भोगा और उसकी व्यर्थता को देख सके और विरक्त हो गये. अभी व्हाट्सअप में गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर का संदेश चल रहा है जिसमें वे जीवन के बारे में बता रहे हैं कि वे पूरा जीवन एक व्यर्थ की दौड़ में दौड़ते रहे और आज उन्हें समझ में आ रहा है कि वह भीड़ अब नदारद है. जीवन की सच्चाई सामने है. वेयटिंग फाॅर डेथ की श्रृंखला में हमारे प्रिय प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी अनेक वर्षाें से बिस्तर पर हैं. उसी तरह जार्ज फर्नाडिस ओर जसवंत सिंह भी अंग्रेजी में वेजिटेबल होकर जी रहे हैं. वहीं दबंग पुलिस वाले हिमांशु राय अपनी ही पिस्तौल से अपनी इहलीला समाप्त कर लेते हैं क्योंकि वे कैंसर के कारण धीमी मौत की प्रतीक्षा नहीं कर सकते. कभी कभी लगता है कोई तो राजनेता ऐसा निकले जो कहे कि दो बार मंत्री बन गया, तीन बार बन गया, अगली पीढ़ी के लिये जगह खाली कर दूं. राजनीति में केयूर भूषण जैसे व्यक्ति मुश्किल से मिलते हैं जिनका अभी हाल ही में निधन हुआ. वे सांसद रहे पर वृ़द्धावस्था में भी सायकल चलाते रहे. वे गांधी वादी माने गये. विद्याचरण शुक्ल पकी उम्र में नक्सलियों की गोलियों से शहीद हुये लेकिन आॅन द स्पाॅट नहीं. कुछ दिन उन्होंने मृत्यु से दो दो हाथ किये. मध्यप्रदेश में वृ़द्ध दिग्विजय सिंह ने नर्मदा यात्रा निकाली वह भी अपनी नई पत्नी को लेकर और सफलता अर्जित की. कमलनाथ जैसे वृद्ध को कांग्रेस म.प्र. का अध्यक्ष बनाती है, और कमलनाथ खुशी खुशी जीप पर चढ़ जाते हैं. यह नहीं कहते कि हम संरक्षक रहेंगे किसी 50-55 वाले को बना दो. लालकृष्ण आडवानी अभी भी युवाओं पर भारी हैं, राजनीति में लोगों को लचीली रीढ़ रखनी पड़ती है पर उनकी रीढ़ अभी भी सीधी है. मौका मिले तो वे 2019 में प्रधानमंत्री बनने को तैयार हैं. मोतीलाल वोरा वयोवृद्ध हैं पर अभी भी वे अपने पोते की उम्र के राहुल के पीछे डगमगाते डगमगाते भागते दिखते हैं. राजनीतिक लोगों का अध्यात्म अजीब है. उनकी चेष्टा नमन करने लायक है. कई वर्षों से व्हील चेयर पर बैठे जोगी का विल पाॅवर आश्चर्यजनक है. वे स्वयं कभी रिटायरमेंट की बात करते थे पर उन्होंने तो नई पार्टी ही बना डाली. हमारा यह कहना कदापि नहीं है कि वृद्ध होने पर आदमी को मंदिर की शरण में चला जाना चाहिये या घर बैठ जाना चाहिये. हाल ही में अमिताभ बच्चन की फिल्म 102 नाॅट आउट रिलीज हुइ है. इस फिल्म में अमिताभ 102 साल के हैं और चीनी व्यक्ति के 128 साल के हमारा इतना ही सोचना है कि क्या उनके जेहन में कभी नहीं आता कि अब बोर हो गये. कुछ और करें. जगह खाली करें. त्याग करें. क्या यह जिम्मा सिर्फ मृत्यु और हार ही निभायेगी ?